CJP प्रदर्शन के समर्थन में उतरे अन्ना हजारे, PM मोदी को पत्र लिख बोले- छात्रों की पीड़ा को कानून-व्यवस्था का मुद्दा न समझें

अहिल्यानगर: दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया। अन्ना हजारे ने गुरुवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बैठकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के प्रति अपना समर्थन जताया। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की थी।

गांधी प्रतिमा के पास किया दो घंटे का मौन आंदोलन

अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास सुबह 11 बजे अपना मौन आंदोलन शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन को उन्होंने दोपहर 1 बजे समाप्त किया। इसके बाद वह अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए।

अन्ना हजारे ने स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों के समर्थन में यह आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ खड़ा होना जरूरी है।

PM मोदी को पत्र लिखकर जताई चिंता

अन्ना हजारे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी। उन्होंने पत्र में लिखा कि हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि प्रदर्शनकारियों की नाराजगी को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे समाज की पीड़ा और लोगों की अपेक्षाओं के रूप में समझना चाहिए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी रखी अपनी बात

अन्ना हजारे ने पत्र में कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा जाता है तो इससे सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली और अधिक जवाबदेह व प्रभावी बन सकती है।

उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

अन्ना बोले- PM को जनता के मुद्दों से अवगत कराना जरूरी

अन्ना हजारे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र इसलिए लिखा क्योंकि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च नेता हैं और उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों की जानकारी होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद के जरिए ही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

 

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